मेरी राजनीतिक यात्रा, क्रमशः

2011 में, मैंने एक ब्लॉग लिखा “Project 275 for 2014”। इस ब्लॉग में मैंने लिखा था कि 2014 में होने वाले लोकसभा चुनाव में अपने दम पर बहुमत हासिल करने के लिए भाजपा को क्या करने की जरूरत है। मैं पहला व्यक्ति था जिसने भाजपा की 175-180 सीटों की जीत के भी आगे सोचा और एक इसके लिए एक अलग प्रकार की रणनीति बनाई। यह अवसर भारत में जरूरी बदलाव लाने के बहुत आवश्यक था, इसलिए मैंने इसमें अपना समय और पैसा लगाने का निर्णय लिया।

2012 की शुरूआत में, मैंने नीती (NITI) का निर्माण किया- न्यू इनिशिएटिव टू ट्रांसफॉर्म इंडिया (भारत को बदलने के लिए नई पहल)। नीती डिजिटल डेटा, विश्लेषण और एक स्वंय सेवा मंच बनाने पर केंद्रित था। इस तरह कई उपक्रमों के माध्यम से नरेंद्र मोदी को 2014 के लोकसभा चुनाव में सहायता मिली। मैं पहले से ही स्पष्ट था कि चुनाव खत्म हो जाने के बाद मैं अपनी कंपनी चलाने के लिए लौट जाऊंगा, इस विश्वास के साथ कि श्री मोदी भारत को उस तर्ज पर बदलने की प्रक्रिया शुरू करेंगे जिन पर हमनें और अन्य सलाहकारों ने उनके साथ चर्चा की थी।

भाजपा ने 2014 में बहुमत से जीत हासिल की-जैसा कि मैंने 3 साल पहले उम्मीद की थी। तीस साल में ऐसा पहली बार हुआ था कि किसी पार्टी ने अकेले अपने दम पर राष्ट्रीय चुनाव में पूर्ण बहुमत से जीत हासिल की। नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के साथ ही नीती मिशन सफल व पूर्ण हो गया तथा इसके साथ ही मैं प्रौद्योगिकी की दुनिया में लौट आया। नयी सरकार के पहले कुछ महीनों में धीमि गति से हो रहे परिवर्तनों ने, मुझे परिवर्तन के मुद्दे पर गहराई से सोचने को मजबूर किया कि परिवर्तित भारत कैसा दिखेगा और इसे कैसे गति प्रदान की जाए। मैं यह सोचने लगा ऐसा क्या है जो भारत को तेज गति से समृद्धि के मार्ग पर ला सके। कुशल अर्थशास्त्री अतनु डे की पुस्तक ‘ट्रांसफॉमिंग इंडिया’ को पढ़ कर मैं पहली बार भारत को बदलने और स्वतंत्रता के महत्व के विचारों से पहली बार रूबरू हुआ। मेरे लिए, मेरे लिए निति डिजिटल और 2014 के चुनाव हमेशा भारत को समृद्ध बनाने के साधन थे।

इस प्रकार एक नयी यात्रा की शुरूआत हुई –यह समझने के लिए कि भारत क्यों आज तक गरीब है, ऐसा क्या है जिसने दूसरे देशों को अमीर बनाया और भारत को उसके नागरिकों को समृद्ध बनाने के लिए क्या करने की आवश्यकता है। अगले वर्ष में, मैंने कई लोगों से बात की, अर्थशास्त्र तथा पब्लिक चॉइस पर आधारित सम्मेलनों में भाग लिया,और बहुत कुछ पढ़ा।