धन वापासी: भारतीयों को समृद्ध बनाने के लिए एक बड़ी योजना

धन वापसी एक क्रांतिकारी विचार है, जिससे गरीबी का खात्मा होगा और करोड़ों नौकरियां पैदा होगी, जिसकी युवा भारत को सख्त आवश्यकता है। इसके साथ ही धन वापसी से सरकार और अधिक प्रभावी बनेगी। यह देश को अपने बल पर आर्थिक विकास के लिए सहायता प्रदान करेगा।

धन वापसी एक क्रांतिकारी विचार है, जिससे गरीबी का खात्मा होगा और करोड़ों नौकरियां पैदा होगी, जिसकी युवा भारत को सख्त आवश्यकता है। इसके साथ ही धन वापसी से सरकार और अधिक प्रभावी बनेगी। यह देश को अपने बल पर आर्थिक विकास के लिए सहायता प्रदान करेगा। सभी भारतीयों को समृद्धि के मार्ग पर अग्रसर करने के लिए धन वापासी को एक नए आर्थिक मॉडल के रूप में सोचें – जितने कम समय में संभव हो।

धन वापसी यानी कि भारतीयों को सार्वजनिक संपत्ति की वापसी। सार्वजनिक संपत्ति वर्तमान में भूमि, सार्वजनिक क्षेत्रक उपक्रम और खनिजों में बंधित है। नयी दिशा का अनुमान है कि इन सब का कुल मुल्य प्रत्येक भारतीय परिवार के लिए 50 लाख रूपए तक है। धन वापसी के तहत प्रत्येक परिवार को प्रति वर्ष 1 लाख रूपए लौटाए जा सकते हैं।

सार्वजनिक और निजी संपत्ति

सबसे पहले हमें निजी और सार्वजनिक संपत्ति के बीच अंतर को समझना होगा। निजी धन वह है जो हमारे पास है – जैसे कि घर, कार, बाइक, सोना, आदि। यह हमारी निजी संपत्ति है। वहीं दूसरी तरफ सार्वजनिक संपत्ति यानि की जिस पर सामुहिक रूप से सभी का अधिकार है, लेकिन वह सरकार के अधीन है। नौकरशाहों और राजनेताओं द्वारा सार्वजनिक संपत्ति के उपयोग तय किए जाते हैं। सरकार को हमारी संपत्ति को नियंत्रित करने की अनुमति देना यानि बैंक प्रबंधकों को हमारे व्यक्तिगत धन के रूप में जमा का उपयोग करने की इजाजत देने जैसा है।

हमारी गरीबी की सीमा क्या है?

एक देश के रूप में भारत संपन्न देश है। लेकिन भारतीय आज भी गरीब हैं। औसतन भारतीय परिवार प्रति माह सिर्फ 10,000 रूपये कमाता है यानि कि सालाना लगभग 1.2 लाख के आसपास। देश में अधिकांश लोग या तो खेती करने को मजबूर है या मनरेगा योजना के तहत हर महीने 6,000 रूपये कमा रहें हैं, तो कुछ लोग औपचारिक क्षेत्रों में प्रतिमाह 15,000 रूपये मात्र की नौकरी करने के लिए विवश हैं। 90% भारतीय परिवारों की कुल कमाई 6.5 लाख रूपए से कम है, यानि कि औसतन हर भारतीयों की आय 2-3 लाख रूपए मात्र है।

धन वापसी कैसे मददगार साबित होगी?

धन वापसी लोगों के बीच बराबर हक प्रदान करने वाला प्राकृतिक तुल्यकारक है। धन वापसी के तहत लोगों की संपत्ति वापस लौटने से, हर परिवार के लिए जीवन में एक नयी शुरुआत करना संभव हो जाएगा। यह उन्हें उस राशि और जमा को प्राप्त करने में सहायता प्रदान करेगा, जो अब तक उनकी पहुंच के बाहर है। धन वापसी प्रत्येक परिवार को अपने आवश्यकतानुसार निर्णय लेने की आज़ादी देगा, जिससे उन्हें समृद्धि के मार्ग पर जाने के लिए बढ़ावा मिलेगा।

एक उपमा यह है कि आपके पूर्वजों ने कहीं पर ढ़ेर सारा सोना छुपाया है लेकिन इस बात की आपको कोई जानकारी ही नहीं है। वह सोना आपको आपकी जिंदगी नए सिरे से शुरू करने में सहायता प्रदान कर सकता है। यदि इस सोने का उपयोग आप अब अपने जीवन को बेहतर बनाने के लिए नहीं करेंगे तो कब करेंगे?

भारत आज दयनीय स्थिति में है। दशकों तक भारतीय सरकारों नें आम जनता को संपत्ति सृजन की स्वतंत्रता से वंचित रखा है। धन वापसी ही इस समस्या का समाधान है, जहां हर भारतीय अपनी आवश्यकतानुसार संपत्ति का सृजन कर, समृद्धि की ओर बढ़ सकता है।